गढ़वाल विश्वविद्यालय में हिंदी माह समारोह-2026: तकनीकी और शोध कार्यों में हिंदी के प्रयोग पर जोर

गढ़वाल विश्वविद्यालय में हिंदी माह समारोह-2026: तकनीकी और शोध कार्यों में हिंदी के प्रयोग पर जोर

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में 1 से 30 सितंबर तक आयोजित ‘हिंदी माह समारोह-2026’ का समापन समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में समन्वयक प्रो० गुड्डी बिष्ट पंवार ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो० श्रीप्रकाश सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के राजभाषा प्रकोष्ठ ने हिंदी माह 2026 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। 

समारोह को संबोधित करते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो० एन. एस. पंवार ने कहा कि अपनी भाषा में अभिव्यक्ति अधिक सहज होती है। उन्होंने अनुवाद के माध्यम से साहित्य को और समृद्ध करने पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्य का परस्पर अनुवाद भाषाओं के बीच संवाद और समन्वय को मजबूत कर सकता है।

कुलसचिव प्रो० वाई पी रैवानी ने हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों एवं विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हिंदी के संवर्द्धन के लिए आवश्यक है कि तकनीकी एवं शोध कार्य हिंदी में किए जाएं। 

संकायाध्यक्ष, नियुक्ति एवं प्रोन्नति विभाग प्रो० मोहन सिंह पंवार ने कहा कि डिजिटल माध्यमों में हिंदी का प्रयोग अभी भी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता भी कई बार चुनौती के रूप में सामने आती है। ऐसे में डिजिटल और तकनीकी क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। परिसर निदेशक प्रो० हरिभजन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ० देवेंद्र फर्स्वाण ने कार्यालयी स्तर पर हिंदी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उप कुलसचिव डॉ० संजय ध्यानी ने कहा कि जिस प्रकार हम संविधान और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं, उसी प्रकार हिंदी भाषा के प्रति भी सम्मान की भावना रखनी चाहिए।

राजभाषा प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह के दौरान हिंदी माह 2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए।  

‘हिंदी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)’ विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में श्रुति भट्ट ने प्रथम, अनामिका एवं शांतनु सरकार ने द्वितीय तथा अदिति एवं अंशिका गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में दिव्या एवं योगेश बड़ोनी को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। ‘हिंदी साहित्य में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना’ विषय पर आयोजित हिंदी से संबंधित काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रियम ऋषभ एवं शशांक शेखर ने प्रथम, आईशा फरस्वाण ने द्वितीय तथा प्रज्ञा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रोनक चंद रमोला एवं शांतनु सरकार को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। 

वहीं ‘भारतीय भाषाओं के समन्वय में हिंदी की भूमिका’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में श्रेया पुरोहित ने प्रथम, अदिति मिंगवाल ने द्वितीय तथा मयंक पंत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रज्ञा एवं शिवांगी उनियाल को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। 

कर्मचारी वर्ग में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री राजेन्द्र सिंह भंडारी द्वितीय, श्री संतोष कुमार तृतीय, श्री अरविंद सिंह रावत तृतीय, श्री ईश्वर सिंह, श्री सूरज रावत एवं श्री दिनेश कुमार को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। हिंदी टिप्पण व मसौदा लेखन प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री प्रदीप शाह द्वितीय, श्री संतोष कुमार तृतीय, श्री जयवीर कुमार एवं श्री राजेन्द्र भंडारी को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री प्रदीप शाह द्वितीय, श्री जयवीर कुमार तृतीय, श्री अरविंद सिंह रावत को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। हिंदी श्रुतलेख एवं सुलेख प्रतियोगिता में श्री मनोज सिंह रावत प्रथम, श्री प्रदीप शाह द्वितीय, श्री संतोष कुमार तृतीय, श्री अरविंद, श्री जयवीर, श्रीमती मनीषा ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ० अनूप सेमवाल ने किया। समारोह को सफल बनाने में प्रो० विजयकांत पुरोहित, डॉ. संजय पांडेय, डॉ. सूरज पंवार, डॉ. सविता मैठाणी, डॉ. आकाश दीप तथा शोधार्थियों तुषार, राकेश, कोमल, शुभम, शिवानी, अनूपा, शालिनी एवं प्रमोद ने सहयोग प्रदान किया।

समारोह का समापन हिंदी के प्रचार-प्रसार, संवर्द्धन तथा शैक्षणिक शोध एवं प्रशासनिक कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।