पिथौरागढ़, 11 अक्टूबर। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पाताल भुवनेश्वर गुफा करीब दो महीने बाद रविवार से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए फिर खोल दी गई है। नवरात्रि के दौरान गुफा के दर्शन शुरू होने से बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। गुफा प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवश्यक तैयारियां की हैं।
पाताल भुवनेश्वर गुफा प्राकृतिक चट्टानों की अनोखी संरचनाओं और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। समुद्र तल से लगभग 1,350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा चूना पत्थर से बनी प्राकृतिक संरचना है। गुफा के भीतर संकरे रास्ते और चट्टानों से बनी विभिन्न आकृतियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
भगवान शिव से जुड़ी हैं धार्मिक मान्यताएं
पाताल भुवनेश्वर को भगवान शिव से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुफा के भीतर अनेक देवी-देवताओं का वास है। स्कंद पुराण के मानसखंड में भी इस क्षेत्र के धार्मिक महत्व का उल्लेख मिलता है। यहां दिखाई देने वाली प्राकृतिक चट्टानों की आकृतियों को श्रद्धालु विभिन्न देवी-देवताओं और पौराणिक प्रसंगों से जोड़कर देखते हैं।
ऑक्सीजन की व्यवस्था पर भी ध्यान
पाताल भुवनेश्वर मंदिर समिति की अध्यक्ष नीलम भंडारी के अनुसार, गुफा खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि गुफा के भीतर ऑक्सीजन का स्तर कम होने की स्थिति में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन लगाई जाएगी। नवरात्रि शुरू होने के कारण पहले दिन संभावित भीड़ को देखते हुए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।
गुफा के दोबारा खुलने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय कारोबार को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। यहां सड़क मार्ग से पिथौरागढ़, बेरीनाग, अल्मोड़ा और गंगोलीहाट के रास्ते पहुंचा जा सकता है।