नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के बाद अब दुनिया में एक बार फिर नए वायरस को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। हाल ही में सामने आए Hantavirus संक्रमण के मामलों ने कई देशों को सतर्क कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन World Health Organization ने भी इस वायरस की नई स्ट्रेन को लेकर चेतावनी जारी की है।
जानकारी के अनुसार दक्षिण अटलांटिक क्षेत्र में यात्रा कर रहे एक क्रूज शिप में हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आए हैं। जहाज में 28 देशों के करीब 150 लोग सवार थे, जिनमें दो भारतीय भी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार हंतावायरस का सबसे चिंताजनक पहलू इसका लंबा इन्क्यूबेशन पीरियड है। यह वायरस शरीर में 6 से 8 सप्ताह तक बिना लक्षण के छिपा रह सकता है। इसी वजह से स्वास्थ्य एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं।
बताया जा रहा है कि संक्रमण अब कई देशों तक पहुंच चुका है। नीदरलैंड्स, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका, स्पेन और स्विट्जरलैंड में संक्रमण या संदिग्ध मामलों की पुष्टि हुई है। कई देशों में संक्रमित यात्रियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तौर पर हंतावायरस संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है, लेकिन इसका एंडीज स्ट्रेन इंसान से इंसान में संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि इसे लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
WHO ने फिलहाल लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लक्षण न दिखने के कारण संक्रमित व्यक्ति अनजाने में दूसरों के संपर्क में आ सकता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल इसकी तुलना कोविड-19 महामारी से नहीं की जा सकती, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के जरिए संक्रमण के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।