देहरादून। कानून व्यवस्था बनाए रखने और होमस्टे संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 103 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। प्रशासन ने संबंधित इकाइयों को विभागीय वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 153 निरीक्षण किए गए। जांच में कई होमस्टे निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाए गए, जिसके बाद तीन चरणों में कार्रवाई की गई। पहले चरण में 17, दूसरे चरण में 79 और तीसरे चरण में 7 होमस्टे के पंजीकरण रद्द किए गए।
प्रशासन के अनुसार कई होमस्टे अपने मूल उद्देश्य से हटकर होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तरह संचालित हो रहे थे। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर रसोई व्यवस्था नहीं मिली, अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। कुछ होमस्टे बारात घर और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
इसके अलावा कई मामलों में स्वामी का निवास स्थल पर नहीं मिला और इकाइयों को किराये या लीज पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे चलाए जा रहे थे तथा विदेशी नागरिकों के ठहराव की अनिवार्य सूचना भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
जिला प्रशासन का कहना है कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय लोगों की आय को बढ़ावा देना है, लेकिन नियमों के उल्लंघन से कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो रही थी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।