देहरादून। देहरादून स्थित जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित और सुचारु संचालन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। एयरपोर्ट परिसर में वर्तमान एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) भवन के स्थान पर नई अत्याधुनिक एटीसी बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नई एटीसी बिल्डिंग में अत्याधुनिक ऑटोमेशन और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इससे एयरस्पेस और रनवे का बेहतर प्रबंधन संभव होगा तथा एक ही समय में अधिक विमानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके अलावा उड़ानों के संचालन में होने वाली देरी भी कम होगी।
वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 22 से 24 नियमित उड़ानों का संचालन होता है। इसके अलावा निजी विमान और हेलीकॉप्टर भी यहां से उड़ान भरते हैं। नई एटीसी सुविधा शुरू होने के बाद भविष्य में बढ़ने वाले हवाई यातायात को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा।
देहरादून एयरपोर्ट का विकास पिछले दो दशकों में तेजी से हुआ है। वर्ष 2006-07 में छोटे एयरस्ट्रिप को आधुनिक एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया था। इसके बाद 2010 में नया टर्मिनल बनाया गया और बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण किया गया, जो वर्ष 2024 से संचालित हो रहा है। इस टर्मिनल की क्षमता पीक आवर में 3,240 यात्रियों को संभालने की है।
एयरपोर्ट निदेशक भूपेश सीएच नेगी ने बताया कि नई एटीसी बिल्डिंग बनने के बाद आधुनिक उपकरणों की मदद से मौजूदा एयरस्पेस में ही अधिक विमानों का संचालन संभव होगा और उड़ानों के प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।