देहरादून। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विकसित कर रहा है। करीब 20 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 743 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना में हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
एनएचएआई के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग पर हाथियों के आवागमन के लिए करीब 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड संरचना के साथ विशेष एलीफेंट अंडरपास बनाए जाएंगे, जिससे वन्यजीवों की प्राकृतिक आवाजाही बाधित न हो।
इसके अलावा सड़क पर साउंड बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक, गति नियंत्रण के उपाय और नो हॉर्न जोन जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखने के लिए 754 पेड़ों का प्रत्यारोपण दूसरी उपयुक्त जगहों पर किया जाएगा।
एनएचएआई का कहना है कि फोरलेन निर्माण से सड़क की ज्यामिति में सुधार होगा, यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा तथा स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े यात्रियों को भी बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा।