उत्तराखंड में बारिश का कहर: कई सड़कें बंद; चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

उत्तराखंड में बारिश का कहर: कई सड़कें बंद; चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की सोमवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और देहरादून समेत कई जिलों में भूस्खलन, जलभराव, नदी कटाव और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

बिजली गिरने और सड़क हादसों में गई जान

चमोली जिले के नारायणबगड़ बाजार में देर रात भारी बारिश के कारण 6 से 7 दुकानों में पानी और मलबा घुस गया। बीआरओ, प्रशासन और स्थानीय टीमें राहत एवं सफाई कार्य में जुटी हैं। कुहेड़ क्षेत्र में एक गौशाला पर विशाल बोल्डर गिरने से पशुओं के दबने की सूचना मिली है।

पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील में जंगल में बकरियां चरा रहे 52 वर्षीय दीवान सिंह की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। गंगोलीहाट के लाली वार्ड में भी एक मकान के पीछे की दीवार से बड़ा पत्थर घर के अंदर आ गिरा, हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

टिहरी जिले के प्रतापनगर-लंबगांव मोटर मार्ग पर खोलगढ़ के पास एक कार करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें चालक होशियार सिंह पंवार की मौत हो गई। वहीं ऋषिकेश-कीर्तिनगर मार्ग पर चलती कार पर पेड़ गिरने से मेरठ निवासी एक व्यक्ति घायल हो गया।

चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में एनएच-09 पर कार दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि रुद्रप्रयाग के संकराड़ी-खाकरा-पीपली मार्ग पर पिकअप वाहन खाई में गिरने से तीन लोग घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार श्रीनगर बेस अस्पताल में चल रहा है।

देहरादून के संतला देवी मंदिर के पास उफनती नदी के बीच बने टापू पर फंसे सात लोगों को एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। वहीं हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से एक पैदल यात्री की मौत हो गई।

हर्षिल में बढ़ा नदी कटाव, परिवारों को किया शिफ्ट

उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का कटाव तेज होने के बाद सुरक्षा कार्य तेज कर दिए गए हैं। लगभग 250 मीटर क्षेत्र में वायरक्रेट, पीसीसी और बोल्डर भराई का कार्य किया गया है। खतरे को देखते हुए तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। जीएमवीएन भवन पहले ही बंद किया जा चुका है और थाना व पटवारी चौकी को भी अन्य सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया गया है।

यमुनोत्री हाईवे बंद, चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) पालीगाड़ के पास मलबा आने से बंद हो गया है। सड़क खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बदरीनाथ, ऋषिकेश-केदारनाथ और जोशीमठ-मलारी-नीति जैसे अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सामान्य बना हुआ है।

लगातार खराब मौसम और चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया है। गढ़वाल आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और रास्ते पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाई जाए।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए। सबसे अधिक 130 मिमी बारिश किच्छा में दर्ज की गई। इसके अलावा मालदेवता (देहरादून), कपकोट, हाथीबड़कला, बंगापानी, नरेंद्रनगर, तेजम, ऊखीमठ, धारचूला और नैनीताल जिले के खन्सू क्षेत्र में भी भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें। स्थिति सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।