देहरादून। राजधानी के पैनेसिया अस्पताल में हुई आग की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि 20 मई की सुबह अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया था। आग तेजी से फैलने के कारण एक महिला मरीज की मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य लोग घायल हुए थे। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी झुलस गए थे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि यदि अस्पताल में आग लगने के कारण मरीज की जान गई है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर विषय है। इसी आधार पर राज्य प्रशासन और पुलिस से पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी गई है।
हादसे के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसके बाद अस्पताल को नोटिस जारी किया गया और कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर परिसर को सील कर दिया गया।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।