World Thyroid Day: अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा

World Thyroid Day: अब बिना निशान होगी थायरॉयड सर्जरी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक सुविधा

देहरादून। विश्व थायरॉयड दिवस के अवसर पर श्री महंत इंदिरेश अस्पताल ने थायरॉयड रोगियों के लिए आधुनिक और उन्नत सर्जिकल सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। अस्पताल में अब बिना निशान वाली थायरॉयड सर्जरी (स्कारलेस थायरॉयडेक्टॉमी) की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और तेज रिकवरी का लाभ मिलेगा।

अस्पताल के कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि पहले थायरॉयड ऑपरेशन के बाद गर्दन पर स्थायी निशान रह जाता था, लेकिन नई एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से अब बिना बाहरी चीरे के थायरॉयड की गांठ को निकाला जा सकता है। इस तकनीक से मरीज की गर्दन पर किसी प्रकार का निशान नहीं बनता।

हेड-नेक ऑन्को सर्जन डॉ. पल्लवी कौल ने बताया कि श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में यह सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध है और इस तकनीक के माध्यम से कई सफल सर्जरी की जा चुकी हैं। चयनित मरीजों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती थायरॉयड कैंसर, थायरॉयड की गांठ और कुछ अन्य रोगों में यह तकनीक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बन रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस सर्जरी के प्रमुख लाभों में कम दर्द, कम रक्तस्राव, जल्दी रिकवरी, अस्पताल में कम समय तक भर्ती और जल्द सामान्य जीवन में वापसी शामिल है।

डॉक्टरों ने बताया कि वर्तमान समय में थायरॉयड संबंधी समस्याओं के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। गले में गांठ, सूजन, आवाज में बदलाव, निगलने में कठिनाई या लंबे समय तक थायरॉयड की समस्या होने पर लापरवाही न करते हुए समय पर जांच और विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेंद्र दास ने कहा कि मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल लगातार नई तकनीकों को अपनाने का कार्य कर रहा है।