देहरादून , 6 अगस्त। ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने उत्तराखंड की चिकित्सा शिक्षा में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 250 हो गई हैं। राज्य में पहली बार किसी मेडिकल कॉलेज को तीसरे ही बैच में 250 सीटों की मंजूरी मिली है।
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने बेहद कम समय में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। विश्वस्तरीय शैक्षणिक एवं चिकित्सीय सुविधाएं, अत्याधुनिक लैब्स, हाई-टेक चिकित्सा उपकरण, आधुनिक शिक्षण प्रणाली, अनुभवी फैकल्टी और बहु-विशेषता अस्पताल में उपलब्ध उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं ने संस्थान को नई पहचान दिलाई है। इन्हीं उच्च मानकों, गुणवत्तापूर्ण मेडिकल एजुकेशन और उत्कृष्ट संस्थागत व्यवस्थाओं के आधार पर नेशनल मेडिकल कमीशन ने ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाकर 250 करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस सत्र में सेंट्रल काउंसलिंग के जरिए एडमिशन होंगे।
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को कई कीर्तिमानों के लिए भी जाना जाता है। संस्थान ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पहली बार पांच वर्षीय बच्चे का पीओईएम तकनीक से सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया। बिना ऑपरेशन पीओईएम तकनीक से 50 मरीजों की अवरुद्ध आहार नली का सफल इलाज किया। उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में पहली बार टीईईआर तकनीक से बिना ओपन हार्ट सर्जरी के हृदय का वाल्व बदलकर मरीज को नई उम्मीद दी। समय से पहले जन्मे दो नवजात शिशुओं की आंखों की रोशनी बचाने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज देश का पहला मेडिकल कॉलेज बना, जिसे एन.ए.बी.एच. के छठे संस्करण के 600 से अधिक गुणवत्ता मानकों की मान्यता प्राप्त हुई।
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में छात्रों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा शिक्षा, नवीनतम तकनीकों और अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर तैयार करना नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीक और सेवा-भाव से परिपूर्ण ऐसे चिकित्सक तैयार करना है, जो संवेदनाओं के साथ बेहतर सेवा करें। यही सच्ची मानव सेवा है और हमें इस पर गर्व है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में उत्साह का माहौल रहा। पदाधिकारियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, छात्र छात्राओं और कर्मचारियों ने केक काटकर जश्न मनाया।
इस अवसर पर ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अर्चना ठाकुर, डायरेक्टर डॉ. पुनीत त्यागी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एन.के. मोहिन्द्रू, डायरेक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर डॉ. सुभाष गुप्ता, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी, सामान्य चिकित्सा विभाग के हेड डॉ. गुरुदत्त शर्मा, महिला रोग विभाग की हेड डॉ. श्वेता निमोंकर, आर्थोपेडिक्स विभाग के हेड डॉ. नोएल सुखजीत सिंह, फिजियोलॉजी विभाग की हेड डॉ. नीरू गर्ग, एनाटॉमी विभाग की हेड डॉ. रजनी सिंह, बायोकेमिस्ट्री विभाग के हेड डॉ. शिवा सुब्रमण्यम, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉ. अंकित खंडूरी, पैथोलॉजी विभाग के हेड डॉ. राजेंद्र ठकराल, फार्माकोलॉजी विभाग की हेड डॉ. शालू बजाज, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. सचिन पालवे, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. अनुज गुप्ता, सर्जरी विभाग के हेड डॉ. एम.के. श्रीवास्तव, रेडियोलॉजी विभाग के हेड डॉ. विशाल ठक्कर, इमरजेंसी विभाग के हेड डॉ. अमित विशेन और नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।