देहरादून: उत्तराखंड की कृषि और पर्वतीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देहरादून में 8 और 9 अक्टूबर 2026 को ‘सेब महोत्सव 3.0’ का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का उद्घाटन 8 अक्टूबर को उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन करेंगे। कार्यक्रम में कृषि सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों की सहभागिता प्रस्तावित है।

हर्षिल, चकराता और रामगढ़ के सेब होंगे आकर्षण
महोत्सव में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। हर्षिल, चकराता और रामगढ़ क्षेत्र के ‘ए’-ग्रेड सेब प्रमुख आकर्षण होंगे। इनमें रॉयल डिलीशियस, गोल्डन डिलीशियस, गाला और रेड डिलीशियस जैसी किस्में शामिल हैं।
इसके अलावा कपकोट और रामगढ़ के कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) द्वारा प्राकृतिक विधि से उत्पादित कीवी भी महोत्सव में उपलब्ध होगी।
जैविक और पारंपरिक उत्पादों की भी बिक्री
‘सेब महोत्सव 3.0’ में ताजी सब्जियां, देशी घी, जैविक सरसों तेल, जैविक गुड़, जैविक दालें, हिमालयी शहद और अन्य प्राकृतिक उत्पाद भी उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड के GI उत्पाद, ऐपण कला, ताम्र शिल्प और रिंगाल हस्तशिल्प सहित पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।
किसानों और FPOs को मिलेगा बाजार
नाबार्ड द्वारा समर्थित विकास परियोजनाओं से जुड़े किसानों, जनजातीय समुदायों और कृषक उत्पादक संगठनों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए महोत्सव में विपणन मंच उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजन में उत्तराखंड के पांच जनपदों में नाबार्ड समर्थित जनजातीय विकास परियोजनाओं और FPOs से जुड़े उत्पादक अपने उत्पाद लेकर पहुंचेंगे।
नाबार्ड का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादकों और कृषक उत्पादक संगठनों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना और उनके उत्पादों के लिए बाजार के अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रदेश के विशिष्ट कृषि उत्पादों, पारंपरिक उत्पादों और ग्रामीण उद्यमों को प्रोत्साहित करना है।