चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चार अक्तूबर को एनएचपीसी बनबसा में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत विजिलेंस में विभिन्न संवर्गों के पदों की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। कुल 11 पद समाप्त करने और छह नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।
पुनर्गठन के तहत विजिलेंस अधिष्ठान में आठ कांस्टेबल नागरिक पुलिस, एक कांस्टेबल डाक रनर और दो कांस्टेबल चालक के पद समाप्त किए जाएंगे। इस तरह कुल 11 पद समाप्त होंगे।
वहीं, हेड कांस्टेबल नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा एएसआई सिविल पुलिस के तीन, हेड कांस्टेबल डाक रनर का एक, हेड कांस्टेबल चालक का एक और एएसआई चालक का एक नया पद सृजित किया जाएगा। इस तरह छह नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।
सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति में बदलाव
मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधानों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने को भी मंजूरी दी है।
इसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार को 14 दिन का नोटिस देने के बाद किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अभियोजन कार्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
विजिलेंस की 1965 की अधिसूचना में संशोधन
कैबिनेट ने विजिलेंस से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह संशोधन भारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने के बाद उसकी परिवर्तित धाराओं के अनुरूप किया जाएगा।
इसके तहत विजिलेंस अधिष्ठान से संबंधित पुराने प्रावधानों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे, ताकि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।