देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा 14 जून को प्रदेशभर के 449 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परीक्षा से दो दिन पहले ही सभी केंद्रों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है, जबकि शनिवार को सभी परीक्षा केंद्रों को सील कर दिया जाएगा।
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि पिछली परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत किया गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह अभेद्य बनाया जाएगा।
नई एसओपी के तहत सख्त सुरक्षा व्यवस्था
आयोग ने इस बार अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में बड़े बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा से दो दिन पहले ही सभी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। केंद्रों को सील करने के बाद परीक्षा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के पहुंचने तक उन्हें नहीं खोला जाएगा।
आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली है। साथ ही पिछले वर्ष नीट परीक्षा के बाद गठित हाई पावर कमेटी की प्रमुख सिफारिशों को भी नई एसओपी में शामिल किया गया है।
कंट्रोल रूम से होगी लाइव मॉनिटरिंग
देहरादून स्थित आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से संवेदनशील जिलों और परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की जाएगी। इस बार परीक्षा की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
1.54 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा के लिए 1,54,764 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इससे पहले 21 सितंबर 2025 को आयोजित परीक्षा में 1,05,803 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। आयोग ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जिलावार पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, ताकि परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।