हल्द्वानी की रेणु धारियाल ने रचा इतिहास, 8 फीट 10 इंच लंबे बालों के साथ बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

हल्द्वानी की रेणु धारियाल ने रचा इतिहास, 8 फीट 10 इंच लंबे बालों के साथ बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी की रहने वाली रेणु धारियाल इन दिनों अपनी अनोखी उपलब्धि को लेकर चर्चा में हैं। रेणु ने 8 फीट 10 इंच यानी 271.50 सेंटीमीटर लंबे बालों के साथ जीवित महिला के सबसे लंबे बालों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के पीछे उनके करीब एक दशक के धैर्य और बालों की लगातार देखभाल की कहानी है।
रेणु ने इस मामले में यूक्रेन की आलिया नासिरोवा का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। आलिया के बालों की लंबाई 257.33 सेंटीमीटर दर्ज की गई थी। वहीं, रेणु के बालों की लंबाई दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति रहे रॉबर्ट वाडलो की 272 सेंटीमीटर ऊंचाई से भी महज कुछ सेंटीमीटर कम है।

2015 से नहीं कटवाए बाल
रेणु ने वर्ष 2015 से अपने बाल कटवाना बंद कर दिया था। भारतीय संस्कृति में लंबे बालों को सुंदरता और परंपरा से जोड़कर देखने की सोच ने भी उन्हें बाल बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में यह उनका शौक था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे विश्व रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य में बदल दिया।
इतने लंबे बालों को संभालना अपने आप में बड़ी चुनौती है। रेणु बालों को जमीन से दूर रखने के लिए उन्हें एक खास तरीके से चोटी में बांधकर रखती हैं। बाल धोने और उन्हें सुलझाने में कई घंटे लग जाते हैं।

प्राकृतिक तरीके से करती हैं बालों की देखभाल
रेणु के अनुसार, उनका हेयर केयर रूटीन पूरी तरह प्राकृतिक है। वह रासायनिक उत्पादों से दूरी रखती हैं और घर पर तैयार किए गए हेयर ऑयल और शैंपू का इस्तेमाल करती हैं।
रेणु सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। वह कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर हैं तथा अपने बालों की देखभाल से जुड़े टिप्स और अनुभव दूसरी महिलाओं के साथ साझा करती हैं। इसके अलावा वह आयुर्वेद और प्राकृतिक देखभाल से जुड़े नुस्खों के बारे में भी जानकारी देती हैं।

बालों की देखभाल बनी पहचान
रेणु का कहना है कि लंबे बालों को बनाए रखने के लिए नियमित देखभाल, धैर्य और निरंतरता जरूरी है। वर्षों तक बालों की देखभाल के बाद उनकी मेहनत अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दुनिया के सामने है।
हल्द्वानी की रेणु धारियाल की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत जुनून और मेहनत की कहानी है, बल्कि उत्तराखंड के लिए भी गर्व का विषय बनी है।