देहरादून, 24 अप्रैल । ग्राफिक एरा में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने कहा कि एआई आधारित तकनीकी उत्पादों का विकास ही भविष्य की सबसे बड़ी संभावनाओं में से एक है।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में डिवाइस, कंप्यूटर और संचार तकनीक विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डीआरडीओ के टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के महानिदेशक एल. सी. मंगल ने कहा कि जब एआई को उन्नत कंप्यूटिंग क्षमता के साथ जोड़ा जाता है तो नवाचार और खोज की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। यह न केवल नई तकनीक के विकास को गति देता है बल्कि जटिल समस्याओं के प्रभावी समाधान भी संभव बनाता है। इस क्षेत्र में काम करके छात्र-छात्राएं न केवल नई तकनीकें विकसित कर सकते हैं बल्कि बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
यूनिवर्सिटी कुलपति डॉ० नरपिंदर सिंह ने कहा कि आज का समय तेजी से बदलती तकनीक का है और डिवाइस इंटेलिजेंस इस बदलाव की सबसे मजबूत नींव बन चुकी है। उन्होंने स्मार्ट सिटी की बात करते हुए कहा कि भविष्य के शहर स्मार्ट डिवाइसेज से चलेंगे, जिससे जीवन सरल सुरक्षित और व्यवस्थित होगा।
आयरलैंड के स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन के प्रोफेसर निकोला मार्केट्टी ने कहा कि भविष्य के संचार नेटवर्क को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए जटिल प्रणालियों और सूचना सिद्धांत की समझ बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क की संरचना उसकी स्थिरता और कार्य क्षमता को सीधा प्रभावित करती है। प्रो. निकोला ने कहा कि एआई और उन्नत तकनीक के साथ मिलकर आने वाले समय के सिक्सजी नेटवर्क अधिक सक्षम, सुरक्षित और अनुकूलनशील बनेंगे।
एनएसयूटी वेस्ट केंपस की निदेशक प्रो. प्रेरणा गौर और देहरादून के इंडियन ऑप्टेल लिमिटेड की मुख्य महाप्रबंधक उर्मी श्रीवास्तव ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
सम्मेलन में दस तकनीकी सत्रों के दौरान मशीन लर्निंग, स्मार्ट डिवाइस नेटवर्क, फोटोनिक क्रिस्टल फाइबर सेंसर, सेमीकंडक्टर डिवाइस विश्लेषण और ऑब्जेक्ट डिटेक्शन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में सौ से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने आईईईई, डीआरडीओ और सर्ब इंडिया के सहयोग से किया। सम्मेलन में यूनिवर्सिटी के प्रो वीसी डॉ० संतोष एस. सर्राफ, कुलसचिव डॉ० नरेश कुमार शर्मा, डिपार्टमेंट हेड डॉ० मो. इरफानुल हसन, प्रो. निश्चल के. वर्मा, प्रो. सुदेब दासगुप्ता, डॉ० मालथी एस., डॉ० बजरंग प्रसाद मिश्रा, डॉ० मृदुल गुप्ता अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सम्मेलन का संचालन डॉ० साक्षी गुप्ता ने किया।