देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक जंगलों में लगी आग से 331 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। कई इलाकों में जंगल जलने से पर्यावरण के साथ वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गढ़वाल क्षेत्र में अब तक वनाग्नि की 285 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 241 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वहीं कुमाऊं मंडल में 74 वनाग्नि की घटनाएं सामने आई हैं। विभाग का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई छोटी घटनाएं रिपोर्ट नहीं हो पातीं।
जंगलों में लगातार लग रही आग के कारण कई वन प्रभाग संवेदनशील श्रेणी में बने हुए हैं। आग पर नियंत्रण के लिए विभागीय टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में राहत के लिए बारिश का इंतजार किया जा रहा है।
वनाग्नि का असर आम लोगों के जीवन पर भी दिखाई दे रहा है। जंगलों से उठने वाला धुआं कई इलाकों में फैल गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। साथ ही वातावरण में गर्मी बढ़ने और तापमान में वृद्धि भी दर्ज की जा रही है।
फायर सीजन अभी समाप्त नहीं हुआ है, ऐसे में वन विभाग ने लोगों से जंगलों के आसपास सतर्कता बरतने और किसी भी आग की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।