अल्मोड़ा/जम्मू-कश्मीर। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के लिए दुखद खबर सामने आई है। भारतीय सेना की 5 असम रेजिमेंट में तैनात युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ के दौरान शहीद हो गए। महज 25 वर्ष की आयु में देश सेवा करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान से पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम राजौरी के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में सेना का सर्च ऑपरेशन चल रहा था। अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान वह असंतुलित होकर गहरी खाई में गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त कर ली।
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का जन्म 6 अक्टूबर 2000 को हुआ था। उन्होंने 8 जून 2024 को भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया था। कम समय के सैन्य करियर में ही उन्होंने अपने साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से विशेष पहचान बनाई थी।
वे मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के बगवालीपोखर क्षेत्र के निवासी थे, जबकि उनका परिवार वर्तमान में पांडेखोला में निवास करता है। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी हैं। कम उम्र में सेना में अधिकारी बनने वाले बीरेश्वर अपने व्यवहार, मेहनत और देशभक्ति के लिए क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे।
शहादत की सूचना मिलते ही अल्मोड़ा सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र सेवा की अमर मिसाल बताया है। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।