देहरादून: उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। परिषद ने कहा है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर 16 अक्टूबर से प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
परिषद के प्रदेश महामंत्री रविनंदन कुमार ने बताया कि दिल्ली में नवंबर से यूरो-4 बसों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध और महाकुंभ को देखते हुए रोडवेज के बेड़े में 500 नई बसें शामिल करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की मांग भी प्रमुख है।
6 अक्टूबर को सभी डिपो में प्रदर्शन
आंदोलन के तहत 6 अक्टूबर को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 11 अक्टूबर को देहरादून, नैनीताल और टनकपुर मंडल के मंडलीय प्रबंधक (संचालन) कार्यालयों पर धरना दिया जाएगा।
परिषद के अनुसार, इन दोनों चरणों के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 16 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा।
बसों की संख्या घटने का दावा
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने परिवहन मंत्री को ज्ञापन देकर 200 नई साधारण बसों की तत्काल खरीद की मांग भी की है। प्रदेश महामंत्री दिनेश पंत के अनुसार, फरवरी में रोडवेज के बेड़े में 1,391 बसें थीं, जो अक्टूबर तक घटकर 1,268 रह गई हैं।
परिषद के अनुसार, मौजूदा बेड़े में 641 बसें पुरानी हैं, जबकि 77 बसें कबाड़ होने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं। कर्मचारियों की ओर से समय पर वेतन भुगतान सहित अन्य मांगों के समाधान की भी मांग की गई है।