रामनगर। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी और अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज के कप्तान अजय पंत ब्रिटेन में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। ब्रिटिश जांच एजेंसी द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने के बाद परिवार ने भारत सरकार से हस्तक्षेप और कानूनी सहायता की मांग की है।
जानकारी के अनुसार अजय पंत एक तेल टैंकर के कप्तान के रूप में कार्यरत थे। यह जहाज रूस के एक बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा था। इंग्लिश चैनल से गुजरने के दौरान ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों ने जहाज को रोककर जांच की और इसके बाद अजय पंत को हिरासत में ले लिया।
ब्रिटिश अधिकारियों का आरोप है कि संबंधित जहाज रूस से जुड़े तेल परिवहन पर लागू प्रतिबंधों के दायरे में आता है। इसी आधार पर कप्तान अजय पंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को प्रस्तावित है।
वहीं, अजय पंत के परिवार का कहना है कि उनका पेशेवर रिकॉर्ड बेदाग रहा है और उन्होंने केवल कंपनी के निर्देशों का पालन किया। परिवार का दावा है कि उनका किसी भी कथित नियम उल्लंघन से व्यक्तिगत संबंध नहीं है।
अजय पंत की पत्नी ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा है कि उनके पति को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि परिवार न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद निष्पक्ष फैसला होने की उम्मीद करता है।
उधर, उत्तराखंड सरकार ने भी इस मामले में विदेश मंत्रालय से संपर्क कर आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया है। अधिकारियों के अनुसार भारतीय उच्चायोग के माध्यम से अजय पंत को कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल इस मामले ने उत्तराखंड समेत देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। परिवार को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अजय पंत को न्याय मिलेगा और वे सुरक्षित भारत लौट सकेंगे।