नई दिल्ली। Employees’ Provident Fund Organisation (ईपीएफओ) देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित EPFO 3.0 के तहत पीएफ निकासी प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, तेज और आसान बनाने की दिशा में काम चल रहा है। संभावना जताई जा रही है कि ये बदलाव मई 2026 तक लागू किए जा सकते हैं।
UPI और ATM से होगी PF निकासी
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी भविष्य में यूपीआई और एटीएम के जरिए सीधे पीएफ निकाल सकेंगे। इसके लिए National Payments Corporation of India (एनपीसीआई) के साथ इंटीग्रेशन की योजना है। इससे PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म पर भी भविष्य में यह सुविधा मिल सकती है।
₹5 लाख तक ऑटो-सेटलमेंट का प्रस्ताव
ईपीएफओ क्लेम प्रक्रिया को तेज करने के लिए ऑटो-सेटलमेंट लिमिट को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की तैयारी कर रहा है। इससे ज्यादातर पीएफ क्लेम कुछ घंटों या एक दिन के भीतर ही निपटाए जा सकेंगे और मैनुअल प्रक्रिया कम हो जाएगी।
एंप्लायर की भूमिका होगी कम
नई प्रणाली में पीएफ निकासी के लिए नियोक्ता (एम्प्लायर) की मंजूरी पर निर्भरता घटाने की योजना है। आधार आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन और सेल्फ-सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाएं लागू की जा सकती हैं, जिससे प्रक्रिया और सरल होगी।
मौजूदा नियम रहेंगे लागू
फिलहाल पीएफ निकासी के नियमों में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं है। मौजूदा नियमों के तहत एक महीने की बेरोजगारी पर 75% और दो महीने पर 100% निकासी की अनुमति है। शादी, पढ़ाई और इलाज जैसे कारणों के लिए भी आंशिक निकासी संभव है।
तीन कैटेगरी में आसान होगा सिस्टम
नई व्यवस्था में पीएफ निकासी को Needs, Housing और Specific Conditions जैसी तीन श्रेणियों में बांटने की योजना है, जिससे क्लेम प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समझने में आसान होगी।
बैंकों के साथ साझेदारी
प्रक्रिया को तेज करने के लिए ईपीएफओ ने कई बैंकों के साथ काम शुरू किया है, जिनमें State Bank of India, HDFC Bank और ICICI Bank शामिल हैं।
टैक्स नियमों में कोई बदलाव नहीं
पीएफ निकासी पर टैक्स नियम पहले जैसे ही रहेंगे। 5 साल की सेवा पूरी होने पर निकासी टैक्स-फ्री होगी, जबकि इससे पहले ₹50,000 से अधिक निकासी पर टीडीएस लागू होगा।
कुल मिलाकर, EPFO 3.0 के जरिए पीएफ सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाने की तैयारी है। यदि यह योजना लागू होती है, तो आने वाले समय में पीएफ निकालना बैंक ट्रांजैक्शन जितना आसान हो जाएगा।