देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने सीधी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना पूर्व अनुमति कोई भी भर्ती प्रस्ताव आगे नहीं भेजा जाएगा। इस संबंध में अपर सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता गिरधारी सिंह रावत ने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अपर सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता गिरधारी सिंह रावत ने उपनल के माध्यम से कार्ययोजित किए जाने वाले कर्मियों से संबंधित सीधी भर्ती के रिक्त पदों के अधियाचन भेजने को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी प्रस्तावों को चयन संस्था या आयोग को भेजने से पूर्व कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, न्याय विभाग तथा वित्त विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।जारी आदेश में कहा गया है कि जिन पदों पर उपनल कर्मियों को रखने का प्रस्ताव है, उनके अधियाचन सीधे चयन आयोग या संस्था को नहीं भेजे जाएंगे। पहले संबंधित विभागों को तीनों विभागों से अनुमति प्राप्त करनी होगी।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति भेजे गए किसी भी भर्ती प्रस्ताव पर कार्रवाई की जा सकती है। शासन ने सभी विभागों को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।सरकार के इस फैसले को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।