मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों को बिना पर्याप्त कार्रवाई के ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, विभाIगाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर शिकायत को बंद करने की अनुमति नहीं होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अधिकारी बिना समुचित कार्यवाही के शिकायत को फोर्स क्लोज करता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 केवल एक फोन नंबर नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समाधान शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए। साथ ही जिलाधिकारी स्तर पर साप्ताहिक और विभागीय सचिव स्तर पर माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है, जब शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध और प्रभावी समाधान मिले। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर फीडबैक लेने और उच्च स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि हेल्पलाइन के प्रभावी संचालन के लिए एआई आधारित डेटा प्रबंधन प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिससे शिकायतों का पूर्वानुमान और हॉटस्पॉट की पहचान कर त्वरित समाधान में मदद मिल रही है।
ग्रीष्मकालीन शिकायतों में पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास और गृह विभाग से संबंधित मामलों की संख्या अधिक पाई गई है।जनपदवार विश्लेषण में देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि उत्तरकाशी और चंपावत बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहे।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकतम शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से भी सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।